Home लाइफ स्टाइल हेल्थ ये योगासन तेजी से घटाता है वजन | Benefits of yoga In...

ये योगासन तेजी से घटाता है वजन | Benefits of yoga In Hindi

141
0

इस आर्टिकल में ये योगासन तेजी से घटाता है वजन | Benefits of yoga In Hindi के बारे में जानेंगे और जानेगे की किस तरह से हम योगासन से अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते है।

Benefits of yoga In Hindi

Benefits of yoga In Hindi

योग एक कला है और इसका अभ्यास धीरे-धीरे करना चाहिए. आप इसमें एक दिन में निपुण नहीं बन सकते.

अभ्यास करते हुए ही यह एक आदत के रूप में उभर कर आएगा. इस लाइव योग सेशन में सूर्य नमस्कार के अलावा कुछ छोटे और आसान अभ्यास सिखाए गए.

इन व्यायामों को करने से शरीर का लचीलापन भी बढ़ता है और मोटापा घटता है.

9 योगासन तेजी से घटाते है वजन

अग्निसार आसन

अग्निसार क्रिया प्राणायाम का एक प्रकार है. अग्निसार क्रिया से शरीर के अन्दर अग्नि उत्पन होती है, जो कि शरीर के अन्दर के रोगाणु को भस्म कर देती है.

इसे प्लाविनी क्रिया भी कहते हैं. इस प्राणायाम का अभ्यास खड़े होकर, बैठकर या लेटकर तीनों तरह से किया जा सकता है.

बैठकर की जाने वाले अभ्यास में इसे सिद्धासन में बैठकर दोनों हाथ को दोनों घुटनों पर रखकर किया जा सकता हे.

इस क्रिया को करने के लिए शरीर को स्थिर कर पेट और फेंफड़े की वायु को बाहर छोड़ते हुए उड्डियान बंध लगाएं अर्थात पेट को अंदर की ओर खींचना होता है.

सहजता से जितनी देर सांस रोक सकें रोकनाा चाहिए और पेट को नाभि पर से बार-बार झटके से अंदर खींचने और ढीला छोड़न चाहिए.

आसन के फायदे:

यह क्रिया पाचन प्रक्रिया को गति‍शील कर उसे मजबूत बनाती है. शरीर के सभी तरह के रोगाणुओं को भस्म कर शरीर को स्वस्थ करती है. यह क्रिया पेट की चर्बी घटाकर मोटापे को दूर करती है तथा यह कब्ज में भी लाभदायक है.इसे भी पढ़ेंः –सायनॉसिस क्या है उसके कारण और उपचार

कपालभाती आसन

कपालभाति प्राणायाम करने के लिए रीढ़ को सीधा रखते हुए किसी भी ध्यानात्मक आसन, सुखासन या फिर कुर्सी पर बैठें. इसके बाद तेजी से नाक के दोनों छिद्रों से सांस को यथासंभव बाहर फेंकें.

साथ ही पेट को भी यथासंभव अंदर की ओर संकुचित करें. इसके तुरंत बाद नाक के दोनों छिद्रों से सांस को अंदर खीचतें हैं और पेट को यथासम्भव बाहर आने देते हैं.
इस क्रिया को शक्ति आवश्यकतानुसार 50 बार से धीरे-धीरे बढ़ाते हुए 500 बार तक कर सकते हैं लेकिन एक क्रम में 50 बार से अधिक न करें.
क्रम धीरे-धीरे बढ़ाएं. इसे कम से कम 5 मिनट और अधिकतम 30 मिनट तक कर सकते हैं. डॉक्टर की सलाह के बाद ही इस योग आसन को करें.

सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार को सभी योगासनों में सबसे ज्यादा पावरफुल माना जाता है. सूर्य नमस्कार ऐसा योग है जो आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखता है. पर सूर्य नमस्कार को करने का सही तरीका बहुत कम लोग जानते हैं.

इसके फायदे:

इसे करने से स्ट्रेस दूर होता है, बॉडी डिटॉक्स होती है और मोटापा घटता है. जिन महिलाओं को मासिक धर्म की समस्या है यह उनके लिए काफी लाभकारी होता है. रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है.

ये लोग सूर्य नमस्कार न करें:

  • गर्भवती महिलाएं सूर्य नमस्कार ना करें
  • महिलाएं पीरियड के दौरान सूर्य नमस्कार ना करें.
  • उच्च रक्ताचाप के मरीजों को सूर्य नमस्कार ना करें.
  • यदि आपको पीठ का दर्द रहता है तो सूर्य नमस्कार करने से पहले स्पेशलिस्ट की सलाह लें.

प्रणाम आसन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले अपने दोनों पंजे जोड़कर अपने आसन मैट के किनारे पर खड़े हो जाएं. फिर दोनों हाथों को कंधे के समान्तर उठाएं और पूरा वजन दोनों पैरों पर समान रूप से डालें. दोनों हथेलियों के पृष्ठभाग एक दूसरे से चिपकाए रहें और नमस्कार की मुद्रा में खड़े हो जाएं.

हस्ततुन्नासन

इस आसन को करने के लिए गहरी सांस भरें और दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं. अब हाथ और कमर को झुकाते हुए दोनों भुजाओं और गर्दन को भी पीछे की ओर झुकाएं.

पर्वत आसन

इस आसने को करने के दौरान सांस लेते हुए बाएं पैर को पीछे ले जाएं और पूरे शरीर को सीधी रेखा में रखें और अपने हाथ ज़मीन पर सीधे रखें.

भुजंग आसन

इस आसन को करते वक्त धीरे-धीरे अपनी सांस छोड़ते हुए छाती को आगे की और ले जाएं. हाथों को ज़मीन पर सीधा रखें. गर्दन पीछे की ओर झुकाएं और दोनों पंजों को सीधा खड़ा रखें.

हस्तपाद आसन

इस आसन में बाहर की तरफ सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की तरफ नीचे की ओर झुकें. अपने दोनों हाथों को कानों के पास से घुमाते हुए ज़मीन को छूएं.

अश्व संचालन आसन

इस आसन में अपनी हथेलियों को ज़मीन पर रखें, सांस लेते हुए दाएं पैर को पीछे की तरफ ले जाएं और बाएं पैर को घुटने की तरफ से मोड़ते हुए ऊपर रखें. गर्दन को ऊपर की तरफ उठाएं और कुछ देर इसी स्थिती में रहें.

अष्टांग नमस्कार

इस आसन को करते वक्त अपने दोनों घुटने ज़मीन पर टिकाएं और सांस छोड़ें. अपने कूल्हों को पीछे ऊपर की ओर उठाएं और अपनी छाती और ठुड्डी को ज़मीन से छुआएं और कुछ देर इसी स्थिति में रहें.

इसे भी पढ़ेंः – दूध वाली चाय का विकल्प

शवासन

मैट पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं और आंखें मूंद लीजिए. पैरों को आराम की मुद्रा में हल्का खोल कर रखें.

पैर के तलवे और उंगलियां ऊपर की तरफ होनी चाहिए. हाथों को बगल में रखकर हथेलियों को ऊपर की तरफ खोलकर रखें.
पैर से लेकर शरीर के हर भाग पर ध्यान केंद्रित करते हुए धीरे-धीरे सांस अन्दर बाहर करें. धीरे धीरे इसे कम करें. जब शरीर में राहत महसूस हो तो आंखों को बंद करके ही थोड़ी देर उसी मुद्रा में आराम करें.
Previous articleसोया के पत्तों के स्वास्थ्य लाभ | Benefits Of Soya Leaves In Hindi
Next articleमुनक्का खाने के 5 फायदे | Munakka khane ke fayde